BCCI on Winter Cricket: लखनऊ में कोहरे का कहर, राजीव शुक्ला बोले- 'उत्तर भारत में अब नहीं होंगे सर्दियों में मैच'

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका चौथा T20I लखनऊ में घने कोहरे और स्मॉग के कारण रद्द। BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान क्रिकेट मैचों के शेड्यूल पर पुनर्विचार होगा। जानें पूरी खबर और आगे क्या बदलाव होंगे।

Dec 18, 2025 - 19:50
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BCCI on Winter Cricket: लखनऊ में कोहरे का कहर, राजीव शुक्ला बोले- 'उत्तर भारत में अब नहीं होंगे सर्दियों में मैच'
लखनऊ में कुदरत का 'बाउंसर': कोहरे ने रोका खेल, अब उत्तर भारत में सर्दियों के क्रिकेट पर लगेगा 'फुल स्टॉप'?

लखनऊ/नई दिल्ली: क्रिकेट के मैदान पर अक्सर बारिश विलेन बनती है, लेकिन बुधवार (17 दिसंबर, 2025) की शाम लखनऊ के एकाना स्टेडियम में जो हुआ, वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में दुर्लभ है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला चौथा T20I मैच घने कोहरे (Fog) और खतरनाक प्रदूषण (Smog) की भेंट चढ़ गया। बिना एक भी गेंद फेंके मैच रद्द होने के बाद अब BCCI ने एक बड़ा फैसला लेने के संकेत दिए हैं।

BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला (Rajeev Shukla) ने साफ शब्दों में कहा है कि बोर्ड को अब उत्तर भारत (North India) में सर्दियों के दौरान मैचों के आयोजन पर गंभीरता से पुनर्विचार करना होगा। यह बयान भारतीय क्रिकेट कैलेंडर में एक बड़े बदलाव की आहट है।

क्या हुआ लखनऊ में? (The Lucknow Fog Crisis)

बुधवार की शाम लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी एकाना स्टेडियम में फैंस का हुजूम उमड़ा था। सीरीज़ में भारत 2-1 से आगे था और यह मैच निर्णायक हो सकता था। लेकिन शाम ढलते ही स्टेडियम को एक सफेद चादर ने ढक लिया। यह केवल कोहरा नहीं था, बल्कि प्रदूषण और धुंध का एक जहरीला मिश्रण (Toxic Smog) था।

  • दृश्यता शून्य (Zero Visibility): फ्लडलाइट्स जलने के बावजूद मैदान पर कुछ भी साफ नहीं दिख रहा था। खिलाड़ियों के लिए गेंद देखना तो दूर, एक-दूसरे को देख पाना भी मुश्किल हो रहा था।

  • हार्दिक पांड्या का मास्क: हालात इतने खराब थे कि भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) वार्म-अप के दौरान चेहरे पर सर्जिकल मास्क लगाए नजर आए। उनकी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसने वहां की हवा की गुणवत्ता (AQI) की भयावहता को उजागर कर दिया।

  • अंपायरों का फैसला: मैच शाम 7 बजे शुरू होना था। अंपायरों ने 6 बार मैदान का निरीक्षण किया। रात 9:30 बजे तक इंतजार करने के बाद, अंततः मैच को रद्द (Abandoned) घोषित कर दिया गया।

राजीव शुक्ला का बड़ा बयान: "यह एक इमरजेंसी है"

इस घटना के बाद BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने टाइम्स ऑफ इंडिया और अन्य मीडिया चैनलों से बात करते हुए अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने इसे एक "इमरजेंसी" (Emergency) करार दिया और स्वीकार किया कि शेड्यूल बनाते समय मौसम की मार का सही अंदाजा नहीं लगाया गया था।

राजीव शुक्ला के बयान की मुख्य बातें:

  1. शेड्यूल में बदलाव: शुक्ला ने कहा, "BCCI को सर्दियों की शेड्यूलिंग पर फिर से विचार करना होगा। हमें 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच उत्तर भारत में मैच कराने से बचना चाहिए।"

  2. जगह बदलने पर विचार: उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में इस समय अवधि (दिसंबर-जनवरी) के दौरान सभी मैच दक्षिण भारत (South India) या पश्चिम भारत (West India) के वेन्यू पर शिफ्ट किए जा सकते हैं, जहां मौसम साफ रहता है।

  3. घरेलू क्रिकेट पर भी असर: शुक्ला ने माना कि कोहरे का असर सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मैचों पर नहीं, बल्कि रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट्स पर भी पड़ रहा है। इसकी भी समीक्षा की जाएगी।

उत्तर भारत: कोहरा, ठंड और प्रदूषण का 'ट्रिपल अटैक'

क्रिकेट जानकारों का मानना है कि उत्तर भारत में दिसंबर और जनवरी के महीने आउटडोर खेलों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होते हैं।

  • प्रदूषण: दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ, और कानपुर जैसे शहरों में AQI अक्सर 400 के पार (Hazardous) रहता है। ऐसे में खिलाड़ियों की सेहत के साथ खिलवाड़ करना सही नहीं है।

  • विजिबिलिटी: कोहरे के कारण सफेद गेंद को देखना लगभग नामुमकिन हो जाता है, जिससे फील्डिंग के दौरान गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है।

  • ओस (Dew): रात के मैचों में ओस गिरने से गेंदबाजों को ग्रिप बनाने में दिक्कत होती है, जिससे खेल का संतुलन बिगड़ जाता है।

इतिहास गवाह है कि 1998 में पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच फैसलाबाद टेस्ट भी कोहरे के कारण रद्द हुआ था, लेकिन T20 फॉर्मेट में ऐसा होना बहुत बड़ी बात है।

राजनीतिक बयानबाजी और फैंस का गुस्सा

लखनऊ का मैच रद्द होने के बाद सोशल मीडिया और संसद के गलियारों में भी बहस छिड़ गई।

  • शशि थरूर का तंज: कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने सोशल मीडिया पर BCCI के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने लखनऊ के खतरनाक AQI (400+) की तुलना तिरुवनंतपुरम के साफ मौसम से की और सुझाव दिया कि सर्दियों के मैच केरल जैसे राज्यों में कराए जाने चाहिए।

  • फैंस की मायूसी: हजारों दर्शक जो महंगे टिकट खरीदकर स्टेडियम पहुंचे थे, उन्हें निराश लौटना पड़ा। हालांकि, BCCI ने पुष्टि की है कि टिकटों का पूरा पैसा रिफंड (Refund) किया जाएगा, लेकिन उस उत्साह की भरपाई कौन करेगा जो फैंस लेकर आए थे?

आगे क्या? (The Road Ahead)

इस घटना ने BCCI की 'रोटेशन पॉलिसी' (Rotation Policy) पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोटेशन पॉलिसी के तहत हर राज्य को बारी-बारी से मैच मिलते हैं, लेकिन क्या मौसम को नजरअंदाज करके वेन्यू तय करना सही है?

  • अहमदाबाद में फैसला: अब भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें पांचवें और अंतिम T20I के लिए अहमदाबाद रवाना होंगी, जहां शुक्रवार (19 दिसंबर) को सीरीज़ का फैसला होगा।

  • भविष्य की रणनीति: उम्मीद की जा रही है कि अगले साल से हम दिसंबर और जनवरी में मोहाली, धर्मशाला, दिल्ली या लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं देखेंगे। मुंबई, चेन्नई, बंगलुरु और कोलकाता जैसे शहर इस दौरान क्रिकेट के नए केंद्र बन सकते हैं।

निष्कर्ष

लखनऊ की धुंध ने भारतीय क्रिकेट प्रशासन को एक आईना दिखाया है। क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की सुरक्षा और दर्शकों के अनुभव का भी नाम है। राजीव शुक्ला का बयान अगर नीति में बदलता है, तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक स्वागत योग्य और व्यावहारिक कदम होगा। अब वक्त आ गया है कि शेड्यूल बनाते समय सिर्फ कैलेंडर नहीं, बल्कि 'क्लाइमेट' को भी प्राथमिकता दी जाए।