Sambhajinagar Airport News: एयरपोर्ट के 15 किमी दायरे में 'लेजर लाइट' पर बैन; पायलटों की जान को खतरा देख पुलिस का सख्त आदेश
छत्रपति संभाजीनगर एयरपोर्ट के आसपास 15 किलोमीटर के दायरे में लेजर बीम लाइट्स के इस्तेमाल पर पुलिस ने 60 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला पायलटों की शिकायतों के बाद लिया गया। उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद): हवाई यात्रियों की सुरक्षा और विमान हादसों को रोकने के लिए छत्रपति संभाजीनगर शहर पुलिस ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। शहर के चिकलथाना एयरपोर्ट (Chikkalthana Airport) के आसपास 15 किलोमीटर के दायरे में तेज रोशनी वाली 'लेजर बीम लाइट्स' (Laser Beam Lights) के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
यह आदेश संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint CP) दिलीप शिंदे ने जारी किया है। यह प्रतिबंध 13 फरवरी से 13 अप्रैल 2026 तक (कुल 60 दिन) लागू रहेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला? (पायलटों की शिकायत)
पिछले कुछ समय से एयरलाइंस और पायलटों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
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लैंडिंग में खतरा: पायलटों ने बताया कि शहर में हो रही शादियों, पार्टियों और जुलूसों में इस्तेमाल होने वाली हाई-इंटेंसिटी लेजर लाइटें सीधे कॉकपिट पर पड़ती हैं।
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अंधापन (Flash Blindness): जब विमान लैंडिंग या टेक-ऑफ कर रहा होता है, तब ये रोशनी पायलट की आंखों में चमक पैदा करती है, जिससे वे कुछ सेकंड के लिए देख नहीं पाते। यह स्थिति सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकती है।
आदेश के मुख्य बिंदु
पुलिस द्वारा जारी अधिसूचना (Notification) में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं:
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दायरा: एयरपोर्ट की बाउंड्री से 15 किलोमीटर तक का पूरा क्षेत्र 'नो-लेजर जोन' घोषित किया गया है। इसमें शहर का लगभग पूरा हिस्सा और आसपास के गांव शामिल हैं।
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किन चीजों पर रोक: शादी समारोह, लॉन, डीजे पार्टियों और अन्य आयोजनों में इस्तेमाल होने वाली लेजर बीम, स्काई लाइट और सर्च लाइट्स पर रोक है।
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अवधि: यह आदेश अगले दो महीने तक प्रभावी रहेगा, जो शादियों का पीक सीजन है।
नियम तोड़ा तो होगी जेल (Legal Action)
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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केस दर्ज: नियम तोड़ने वाले आयोजकों, डीजे मालिकों या लेजर ऑपरेटरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 (सरकारी आदेश की अवहेलना) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
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सामान जब्त: पुलिस की गश्ती टीमों (Patrolling Teams) को निर्देश दिया गया है कि वे लेजर उपकरण जब्त करें।
निष्कर्ष
लेजर लाइट का बढ़ता इस्तेमाल न केवल विमानों के लिए, बल्कि आम लोगों की आंखों के लिए भी खतरनाक साबित हो रहा है। पुलिस की इस पहल का मकसद हवाई सफर को सुरक्षित बनाना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस प्रतिबंध का पालन करें और उल्लंघन दिखने पर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।