India-US Trade Deal: पियूष गोयल ने जारी की लिस्ट- अमेरिका में अब 'Zero Tax' पर बिकेंगे भारत के ये सामान; टेक्सटाइल और ज्वैलरी को बंपर फायदा
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के तहत किन भारतीय सामानों पर अमेरिका में टैक्स नहीं लगेगा? वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल ने पूरी लिस्ट जारी कर दी है। जेम्स-ज्वैलरी से लेकर कपड़े और इंजीनियरिंग गुड्स तक, जानें किसे मिलेगा 'जीरो ड्यूटी' का लाभ।
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते (Trade Deal) के बाद भारतीय निर्यातकों के लिए अच्छी खबरों का सिलसिला शुरू हो गया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल (Piyush Goyal) ने शनिवार को आधिकारिक तौर पर उन सेक्टर्स की सूची जारी की है, जिन्हें अमेरिका में "जीरो टैरिफ" (Zero Tariff) यानी बिना किसी आयात शुल्क के एंट्री मिलेगी।
मंत्री पियूष गोयल ने इसे "भारतीय MSME सेक्टर की जीत" बताया है। उन्होंने कहा कि 2019 में जब अमेरिका ने GSP (जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेस) का दर्जा खत्म किया था, तब भारतीय व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ था। लेकिन अब नई डील के तहत वह सारी सुविधाएं न केवल वापस आ गई हैं, बल्कि और बेहतर रूप में मिली हैं।
किन चीजों पर नहीं लगेगा टैक्स? (The Zero-Duty List)
पियूष गोयल ने विस्तार से बताया कि भारत के वे सेक्टर्स जो सबसे ज्यादा रोजगार देते हैं, उन्हें इस डील का सबसे ज्यादा फायदा होगा।
1. जेम्स एंड ज्वैलरी (Gems & Jewellery):
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फायदा: सूरत के डायमंड और मुंबई-जयपुर की ज्वैलरी अब अमेरिका में सस्ती बिकेगी।
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गोयल का बयान: "हमारे ज्वैलरी निर्यातकों को अभी तक 5-7% ड्यूटी देनी पड़ती थी। अब यह ड्यूटी जीरो हो गई है। इसका सीधा मतलब है कि हमारा माल चीन और अन्य देशों से सस्ता होगा और अमेरिकी ग्राहक इसे ज्यादा खरीदेंगे।"
2. टेक्सटाइल और कपड़े (Textiles & Apparel):
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फायदा: भारत का टेक्सटाइल उद्योग, जो बांग्लादेश और वियतनाम से कड़ी टक्कर ले रहा था, अब अमेरिका में मजबूत स्थिति में होगा।
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क्या बिकेगा: रेडीमेड गारमेंट्स, चादरें, तौलिए और होम फर्निशिंग के सामान पर ड्यूटी खत्म होने से लुधियाना, तिरुपुर और सूरत के व्यापारियों को अरबों डॉलर का फायदा होगा।
3. इंजीनियरिंग गुड्स (Engineering Goods):
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फायदा: इसमें कार के पुर्जे (Auto Components), बिजली का सामान और लोहे-स्टील के उत्पाद शामिल हैं।
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रणनीति: अमेरिका अब चीन पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है। ऐसे में भारतीय इंजीनियरिंग सामान पर टैक्स हटने से अमेरिकी कंपनियां भारत से ही सोर्सिंग करना पसंद करेंगी।
4. चमड़ा और जूते (Leather & Footwear):
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फायदा: कानपुर, आगरा और चेन्नई के लेदर क्लस्टर्स के लिए यह संजीवनी बूटी है। लेदर के जूते, बैग और जैकेट अब अमेरिकी बाजार में बिना किसी एक्स्ट्रा टैक्स के उतरेंगे।
5. हस्तशिल्प (Handicrafts):
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फायदा: भारत के ग्रामीण कारीगरों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पादों की अमेरिका में भारी मांग है। ड्यूटी हटने से इनका निर्यात कई गुना बढ़ सकता है।
रोजगार की नई क्रांति
पियूष गोयल ने जोर देकर कहा कि यह डील सिर्फ बड़े व्यापारियों के लिए नहीं है।
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रोजगार: "टेक्सटाइल, लेदर और ज्वैलरी—ये तीनों सेक्टर सबसे ज्यादा नौकरियां देते हैं। जब निर्यात बढ़ेगा, तो फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ेगा, और अगले 2 सालों में लाखों नए रोजगार (Jobs) पैदा होंगे।"
भारत ने बदले में क्या दिया?
गोयल ने स्पष्ट किया कि यह समझौता दोनों देशों के हित में है। भारत ने इसके बदले में अमेरिकी सेब (Apples), बादाम और अखरोट पर लगने वाले अतिरिक्त टैक्स को कम करने का फैसला किया है। इसके अलावा, उच्च तकनीक वाले अमेरिकी मेडिकल उपकरणों की कीमतों को लेकर भी सहमति बनी है।
निष्कर्ष
पियूष गोयल का यह ऐलान भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक 'बूस्टर डोज' है। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और अब 'जीरो ड्यूटी' का एक्सेस मिलने से 'मेक इन इंडिया' का सामान अमेरिकी सुपरमार्केट्स में छाया रहेगा। निर्यातकों के लिए अब आसमान ही सीमा है।