Chhatrapati Sambhajinagar: अमोल येडगे बने नए मनपा आयुक्त, मंत्रियों के विरोध के बावजूद संभाला पदभार
आईएएस अधिकारी अमोल येडगे ने मंत्रियों के भारी विरोध के बीच छत्रपति संभाजीनगर महानगर पालिका (CSMC) के नए आयुक्त का पदभार संभाल लिया है। पूर्व आयुक्त जी. श्रीकांत के तबादले पर क्यों हुआ था विवाद? जानें नए आयुक्त के मैराथन रिव्यू मीटिंग्स और उनके विजन के बारे में।
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद):
तमाम राजनीतिक अटकलों और दबावों को दरकिनार करते हुए, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमोल येडगे ने शनिवार दोपहर छत्रपति संभाजीनगर महानगर पालिका (CSMC) के नए आयुक्त (Municipal Commissioner) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। राज्य सरकार द्वारा 25 आईएएस अधिकारियों के किए गए बड़े फेरबदल के तहत उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
येडगे ने निवर्तमान आयुक्त जी. श्रीकांत की जगह ली है, जिन्हें अब नवी मुंबई में जल जीवन मिशन का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाया गया है।
क्यों हुआ था तबादले पर विवाद?
अमोल येडगे की इस नियुक्ति को लेकर पिछले दो दिनों से शहर में राजनीतिक ड्रामा चल रहा था।
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मंत्रियों का विरोध: जिले के पालक मंत्री संजय शिरसाट और ओबीसी कल्याण मंत्री अतुल सावे ने जी. श्रीकांत के तबादले का खुलकर विरोध किया था।
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क्या था तर्क? मंत्रियों का कहना था कि शहर में पेयजल की गंभीर समस्या को सुलझाने के लिए 'समानांतर जलवाहिनी योजना' (Parallel Water Pipeline Project) का काम जोरों पर है। ऐसे अहम समय में अगर आयुक्त को बदला गया, तो प्रोजेक्ट में देरी हो सकती है।
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दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की थी। इसी विरोध के चलते येडगे ने शुक्रवार को कार्यभार नहीं संभाला। हालांकि, शनिवार को राज्य सरकार से स्पष्ट संदेश मिलने के बाद उन्होंने शाम 4:30 बजे औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया।
आते ही 'एक्शन मोड' में आए नए आयुक्त
अमोल येडगे अपनी सख्त कार्यशैली और कुशल प्रशासन के लिए जाने जाते हैं। इसका प्रमाण उन्होंने रविवार को ही दे दिया।
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शनिवार शाम को ही उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दे दिया था कि वे अपने-अपने विभागों की पूरी जानकारी पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के जरिए तैयार रखें।
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रविवार को छुट्टी के दिन काम: रविवार दोपहर 12 बजे से लेकर रात 8 बजे तक मनपा मुख्यालय में अधिकारियों की भीड़ लगी रही। येडगे ने एक-एक करके सभी विभागों की मैराथन समीक्षा बैठक ली। इसमें कर्मचारियों की संख्या, काम करने के तरीके और लंबित प्रोजेक्ट्स का बारीकी से जायजा लिया गया।
पानी के प्रोजेक्ट पर दिया भरोसा
पदभार ग्रहण करते ही अमोल येडगे ने शहरवासियों और स्थानीय नेताओं की चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जी. श्रीकांत के कार्यकाल में शुरू किए गए जल आपूर्ति परियोजनाओं को पूरी गति के साथ आगे बढ़ाया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि काम तय समय-सीमा के भीतर ही पूरा हो।
कौन हैं अमोल येडगे? (Amol Yedge Profile)
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अमोल येडगे 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और मूल रूप से कराड के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
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इससे पहले वे कोल्हापुर के जिलाधिकारी के रूप में कार्य कर रहे थे, जहां राज्य सरकार की 100 और 150 दिन की विकास योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया था।
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मराठवाड़ा उनके लिए नया नहीं है; वे पूर्व में छत्रपति संभाजीनगर में ही उप-विभागीय अधिकारी (SDO) और बीड जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
प्रशासनिक स्तर पर अन्य बदलाव
इस फेरबदल में छत्रपति संभाजीनगर के जिलाधिकारी को भी बदला गया है। दिलीप स्वामी की जगह अब विनय गौड़ा जी.सी. ने जिले के नए कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला है। वहीं, जालना को भी अक्टूबर 2025 से खाली पड़े आयुक्त पद पर अब अंजलि शर्मा के रूप में पूर्णकालिक अधिकारी मिल गया है।
निष्कर्ष:
भाजपा के पूर्ण नियंत्रण वाली महानगर पालिका में अमोल येडगे की नियुक्ति एक अहम कदम माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अपनी प्रशासनिक क्षमता से शहर के पेंडिंग प्रोजेक्ट्स, विशेषकर पानी के मुद्दे को कितनी जल्दी सुलझा पाते हैं।