सांसद बर्क: 'नफरत में मोहब्बत की मिसाल', यही है इंसानियत की जीत
संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कोटद्वार, लखनऊ विवि और राजस्थान की हालिया घटनाओं को 'इंसानियत की जीत' बताया। नफरत की राजनीति के दौर में उनके इस बयान को मोहब्बत की मिसाल माना जा रहा है।
संभल, उत्तर प्रदेश: देश में नफरत की राजनीति और ध्रुवीकरण के बढ़ते माहौल के बीच, संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने मोहब्बत और इंसानियत की मिसाल पेश की है। उन्होंने हाल ही में कोटद्वार, लखनऊ विश्वविद्यालय और राजस्थान में हुई कुछ घटनाओं को 'इंसानियत की असली जीत' करार दिया है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब समाज में सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
सांसद बर्क ने अपने बयान में कहा, "आजकल नफरत का माहौल बनाया जा रहा है, लेकिन इन घटनाओं ने साबित कर दिया है कि इंसानियत अभी भी जिंदा है और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। कोटद्वार में जिस तरह से एक मुस्लिम युवक ने अपने हिंदू दोस्त की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली, या लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों ने एक-दूसरे का साथ दिया, और राजस्थान में एक समुदाय ने दूसरे समुदाय की मदद की, ये सभी वाकये दिखाते हैं कि हम सब इंसान हैं और हमारी इंसानियत ही हमारी असली पहचान है।"
उन्होंने आगे कहा कि जब लोग धर्म या जाति से ऊपर उठकर एक-दूसरे की मदद करते हैं, तब ही समाज मजबूत होता है। उन्होंने इन घटनाओं को नफरत फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ एक करारा जवाब बताया। बर्क ने जोर देकर कहा कि "यह सिर्फ एक व्यक्ति या एक समुदाय की जीत नहीं है, बल्कि यह समूची इंसानियत की जीत है।" उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे नफरती एजेंडे से दूर रहें और मोहब्बत व भाईचारे के संदेश को आगे बढ़ाएं।
सांसद जियाउर्रहमान बर्क का यह बयान ऐसे दौर में आया है, जब राजनेता अक्सर विभाजनकारी मुद्दों पर बोलते नजर आते हैं। उनके इस बयान को समाज में सकारात्मक संदेश देने और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह दर्शाता है कि राजनीति में भी इंसानियत और सद्भाव की बात की जा सकती है, और यही सच्ची जीत है।