Parli Vaijnath PRASHAD Scheme: परली वैजनाथ को मिले 'प्रसाद' योजना का लाभ, धनंजय मुंडे ने केंद्र से की बड़ी मांग

महाराष्ट्र के कृषि मंत्री धनंजय मुंडे ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मुलाकात कर परली वैजनाथ को 'PRASHAD' योजना में शामिल करने की मांग की है। जानें इस योजना से 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक परली का कायाकल्प कैसे होगा।

Dec 18, 2025 - 20:05
Dec 19, 2025 - 01:24
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Parli Vaijnath PRASHAD Scheme: परली वैजनाथ को मिले 'प्रसाद' योजना का लाभ, धनंजय मुंडे ने केंद्र से की बड़ी मांग
परली वैजनाथ का होगा कायाकल्प? धनंजय मुंडे ने केंद्र से की 'प्रसाद' योजना में शामिल करने की मांग

नई दिल्ली/छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के बीड जिले में स्थित प्रभु वैद्यनाथ (परली वैजनाथ) का मंदिर न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माने जाने वाले इस पवित्र तीर्थस्थल के विकास के लिए अब महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र का दरवाजा खटखटाया है।

राज्य के कृषि मंत्री और बीड जिले के पालक मंत्री धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) से मुलाकात की। इस अहम बैठक में उन्होंने परली वैजनाथ मंदिर और तीर्थ क्षेत्र को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रसाद' (PRASHAD) योजना के तहत विकसित करने का प्रस्ताव रखा।

क्या है धनंजय मुंडे की मांग?

धनंजय मुंडे ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष तर्क रखा कि परली वैजनाथ देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। हर साल श्रावण मास और महाशिवरात्रि के दौरान यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु (कांवड़ यात्री और पर्यटक) आते हैं। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां विश्वस्तरीय सुविधाओं की सख्त जरूरत है।

मुंडे ने मांग की है कि:

  1. प्रसाद योजना में समावेशन: परली तीर्थ क्षेत्र को 'National Mission on Pilgrimage Rejuvenation and Spiritual, Heritage Augmentation Drive' (PRASHAD) के तहत लाया जाए।

  2. बुनियादी ढांचे का विकास: मंदिर परिसर में दर्शन के लिए कतार परिसर (Queue Complex), भक्तों के ठहरने की व्यवस्था, पार्किंग, स्वच्छता गृह और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाए।

  3. धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: क्षेत्र के विकास से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि बीड जिले में धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

क्या है 'प्रसाद' (PRASHAD) योजना?

पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि PRASHAD का पूरा नाम 'Pilgrimage Rejuvenation and Spiritual, Heritage Augmentation Drive' है। यह केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा 2014-15 में शुरू की गई एक योजना है।

  • उद्देश्य: इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों का एकीकृत विकास करना है।

  • काम: इसके तहत धार्मिक स्थलों पर बुनियादी ढांचा (सड़क, बिजली, पानी), सौंदर्यीकरण, और यात्रियों के लिए सुविधाओं (वेटिंग रूम, वाई-फाई, कैफेटेरिया) का निर्माण किया जाता है।

  • फायदा: अगर परली वैजनाथ इस योजना में शामिल होता है, तो केंद्र सरकार से मंदिर के विकास के लिए करोड़ों रुपये का फंड सीधे प्राप्त होगा।

गोपीनाथ गढ़ के लिए भी मांगी मदद

सिर्फ मंदिर ही नहीं, धनंजय मुंडे ने अपने दिवंगत चाचा और बीजेपी के कद्दावर नेता रहे गोपीनाथ मुंडे (Gopinath Munde) के स्मारक 'गोपीनाथ गढ़' (Gopinath Gad) के विकास का मुद्दा भी उठाया।

परली में स्थित गोपीनाथ गढ़ लाखों समर्थकों के लिए एक प्रेरणा स्थल है। धनंजय मुंडे ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इस स्मारक स्थल पर भी पर्यटकों और अनुयायियों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने हेतु 'पर्यटन विकास' के तहत निधि उपलब्ध कराई जाए।

केंद्रीय मंत्री का सकारात्मक रुख

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने धनंजय मुंडे के प्रस्तावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार परली वैजनाथ जैसे महत्वपूर्ण ज्योतिर्लिंग के विकास के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। उन्होंने पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों को इस प्रस्ताव पर विचार करने और व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार करने के निर्देश देने का संकेत दिया है।

परली वैजनाथ का महत्व (Significance of Parli)

परली वैजनाथ को 'वैद्यनाथ' भी कहा जाता है क्योंकि मान्यता है कि यहां भगवान शिव 'वैद्य' (डॉक्टर) के रूप में विराजमान हैं। यह मंदिर मेरु पर्वत पर स्थित है और इसके निर्माण में अहिल्याबाई होल्कर का बड़ा योगदान माना जाता है।

  • 12 ज्योतिर्लिंग: हालांकि 12 ज्योतिर्लिंगों के स्थानों को लेकर कुछ मतभेद हैं (झारखंड के देवघर में भी वैद्यनाथ धाम है), लेकिन महाराष्ट्र के लोग परली को ही जागृत ज्योतिर्लिंग मानते हैं।

  • परली की अर्थव्यवस्था: यह मंदिर पूरे शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रसाद योजना के आने से यहां रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

निष्कर्ष

अगर केंद्र सरकार धनंजय मुंडे की इस मांग को स्वीकार कर लेती है, तो यह मराठवाड़ा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। 'प्रसाद' योजना का फंड परली वैजनाथ की तस्वीर बदल सकता है, जिससे यह स्थान वाराणसी (काशी) या उज्जैन (महाकाल) की तर्ज पर एक आधुनिक और सुविधायुक्त तीर्थस्थल बन सकेगा। अब सबकी नजरें केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।