RBI Policy Feb 2026: नहीं बदली ब्याज दरें! Repo Rate 5.25% पर बरकरार; आपकी EMI और FD पर क्या होगा असर?
RBI ने फरवरी 2026 की मौद्रिक नीति में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.4% किया। जानें इस फैसले से आपके होम लोन की EMI और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर क्या असर पड़ेगा।
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साल 2026 की अपनी पहली मौद्रिक नीति समीक्षा (Monetary Policy Review) में आम आदमी को न तो कोई झटका दिया है और न ही कोई नई राहत। शुक्रवार को आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) ने घोषणा की कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट (Repo Rate) को 5.25% पर बरकरार रखने का फैसला किया है।
इसका सीधा मतलब है कि केंद्रीय बैंक अभी ब्याज दरों में और कटौती करने के मूड में नहीं है। हालांकि, देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर आरबीआई का भरोसा पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है।
फरवरी 2026 पॉलिसी की 4 बड़ी बातें
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ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं: रेपो रेट 5.25% पर स्थिर है। इसका मतलब है कि बैंकों को आरबीआई से मिलने वाला कर्ज उसी दर पर मिलेगा।
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GDP की रफ्तार होगी तेज: आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए देश की आर्थिक वृद्धि दर (GDP Growth) का अनुमान 7.3% से बढ़ाकर 7.4% कर दिया है। गवर्नर ने कहा कि ग्रामीण मांग में सुधार और सरकार के खर्च से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
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महंगाई कंट्रोल में: महंगाई (Inflation) को लेकर आरबीआई की चिंताएं कम हुई हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए खुदरा महंगाई दर का अनुमान 2.1% रखा गया है, जो आरबीआई के लक्ष्य के दायरे में है।
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न्यूट्रल स्टेंस (Neutral Stance): आरबीआई ने अपना रुख 'न्यूट्रल' रखा है। यानी, भविष्य में जरूरत पड़ने पर ब्याज दरें बढ़ाई या घटाई जा सकती हैं, लेकिन फिलहाल 'वेट एंड वॉच' (Wait and Watch) की नीति अपनाई जाएगी।
आपकी जेब पर क्या होगा असर?
1. लोन की EMI (Home/Car Loan): अगर आप उम्मीद कर रहे थे कि आज आपकी EMI कम हो जाएगी, तो आपको निराशा हाथ लग सकती है।
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चूंकि रेपो रेट में कोई कटौती नहीं हुई है, इसलिए बैंक आपके होम लोन या कार लोन की ब्याज दरें तुरंत कम नहीं करेंगे।
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राहत की बात: अच्छी खबर यह है कि आपकी EMI बढ़ेगी भी नहीं। जो लोग फ्लोटिंग रेट (Floating Rate) पर लोन ले चुके हैं, उनकी ब्याज दरें फिलहाल स्थिर रहेंगी।
2. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD): बचत करने वालों, विशेषकर सीनियर सिटीजन्स के लिए यह फैसला अच्छा है।
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जब तक रेपो रेट नहीं घटता, बैंक एफडी (FD) की ब्याज दरों में कटौती करने की जल्दबाजी नहीं करेंगे।
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अभी कई बैंक एफडी पर 7.5% से 8% तक का ब्याज दे रहे हैं। अगर आपने अभी तक निवेश नहीं किया है, तो यह मौजूदा दरों पर एफडी बुक करने का अच्छा मौका हो सकता है।
आरबीआई ने ऐसा क्यों किया?
साल 2025 में आरबीआई ने कुल मिलाकर ब्याज दरों में 1.25% की कटौती की थी। अब केंद्रीय बैंक यह देखना चाहता है कि पिछली कटौतियों का असर बाजार पर कैसे पड़ रहा है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर अमेरिका और यूरोप में चल रही आर्थिक अनिश्चितता को देखते हुए आरबीआई ने फूंक-फूंक कर कदम रखा है। गवर्नर ने इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए "गोल्डीलॉक्स" (Goldilocks) स्थिति बताया है—जहां विकास दर तेज है और महंगाई कम है।
निष्कर्ष: आरबीआई का यह फैसला स्थिरता का संकेत है। भले ही कर्जदारों को तत्काल राहत न मिली हो, लेकिन मजबूत जीडीपी ग्रोथ और कम महंगाई आने वाले समय में अच्छे दिनों का संकेत दे रही है।