Ellora Caves Chaos: एलोरा में पर्यटकों का सैलाब! घंटों जाम और टिकट के लिए लंबी कतारें, प्रशासन के छूटे पसीने

साल के अंत और छुट्टियों के चलते छत्रपति संभाजीनगर स्थित एलोरा की गुफाओं में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। आलम यह है कि घंटों जाम लग रहा है और ASI को भीड़ संभालने (Crowd Management) में पसीने छूट रहे हैं। जानें मौजूदा हालात और पर्यटकों के लिए जरूरी सलाह।

Dec 30, 2025 - 20:19
Dec 30, 2025 - 20:25
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Ellora Caves Chaos: एलोरा में पर्यटकों का सैलाब! घंटों जाम और टिकट के लिए लंबी कतारें, प्रशासन के छूटे पसीने
एलोरा में 'हॉलिडे' बना सिरदर्द: गुफाओं में उमड़ा पर्यटकों का जनसैलाब, व्यवस्था चरमराई, घंटों जाम में फंसे सैलानी

छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद): विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site) और भारतीय स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना मानी जाने वाली एलोरा की गुफाएं (Ellora Caves) इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बनी हुई हैं। लेकिन साल के अंत (Year-end) और क्रिसमस की छुट्टियों के चलते यहाँ उमड़ी बेतहाशा भीड़ ने प्रशासन और पर्यटकों दोनों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है।

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) स्थित इन गुफाओं में पिछले कुछ दिनों से पर्यटकों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और स्थानीय पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

पर्यटकों की बाढ़ और चरमराई व्यवस्था

दिसंबर का आखिरी सप्ताह और स्कूलों की छुट्टियों के कारण महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देशभर से पर्यटक एलोरा पहुँच रहे हैं।

  • पैर रखने की जगह नहीं: गुफा परिसर, विशेषकर विश्व प्रसिद्ध कैलाश मंदिर (Cave 16) के पास स्थिति ऐसी है कि लोगों को चलने के लिए भी जगह नहीं मिल रही है।

  • सिक्योरिटी पर दबाव: एएसआई (ASI) के सीमित सुरक्षाकर्मी हजारों की भीड़ को संभालने में नाकाफी साबित हो रहे हैं। गुफाओं के संकरे रास्तों पर धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन रही है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।

टिकट काउंटर पर 'नेटवर्क' का खेल

भीड़ का असर सिर्फ गुफाओं के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भी देखने को मिल रहा है।

  • डिजिटल इंडिया फेल? एलोरा में ऑनलाइन टिकटिंग (QR Code) को बढ़ावा दिया गया है, लेकिन भारी भीड़ के कारण वहां मोबाइल नेटवर्क और सर्वर डाउन होने की समस्या आ रही है।

  • लंबी कतारें: नेटवर्क न मिलने के कारण पर्यटक ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं, जिससे टिकट काउंटर पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। कई पर्यटक घंटों लाइन में लगने के बाद बिना गुफा देखे ही निराश होकर लौटने को मजबूर हैं।

ट्रैफिक जाम से हाल बेहाल

छत्रपति संभाजीनगर शहर से एलोरा (वेरुल) जाने वाले रास्ते पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं।

  • पार्किंग फुल: गुफा परिसर की पार्किंग सुबह ही फुल हो जाती है, जिसके कारण पर्यटक सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं। इससे मुख्य सड़क पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है।

  • घंटों का सफर: जो सफर सामान्य दिनों में 40-50 मिनट का होता है, उसे पूरा करने में अब पर्यटकों को 2 से 3 घंटे लग रहे हैं।

प्रशासन की सफाई और चुनौती

एएसआई के अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति को संभालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

  • एक अधिकारी ने बताया, "छुट्टियों के कारण उम्मीद से ज्यादा भीड़ आई है। हमने पुलिस प्रशासन से अतिरिक्त बल की मांग की है ताकि ट्रैफिक और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। हम पर्यटकों से भी सहयोग की अपील कर रहे हैं।"

हालांकि, आलोचकों का कहना है कि प्रशासन को पहले से पता था कि 'इयर-एंड' पर भीड़ बढ़ेगी, फिर भी 'क्राउड मैनेजमेंट' (Crowd Management) के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।

पर्यटकों के लिए जरूरी सलाह (Advisory)

अगर आप भी अगले कुछ दिनों में एलोरा जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  1. ऑनलाइन टिकट पहले बुक करें: नेटवर्क की समस्या से बचने के लिए घर से ही ऑनलाइन टिकट बुक करके निकलें।

  2. जल्दी पहुँचें: भीड़ और धूप से बचने के लिए सुबह 8 बजे तक गुफा परिसर पहुँचने की कोशिश करें।

  3. ट्रैफिक का ध्यान रखें: जाम से बचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें।

  4. पानी और खाना: कतारों में लगने के कारण अपने साथ पानी की बोतल और हल्का स्नैक्स जरूर रखें।

निष्कर्ष

एलोरा की गुफाएं भारत का गौरव हैं, लेकिन मौजूदा अव्यवस्था ने 'अतिथि देवो भव' की भावना को थोड़ी ठेस जरूर पहुंचाई है। जरूरत है कि पर्यटन विभाग और एएसआई मिलकर भविष्य के लिए बेहतर 'डिजास्टर मैनेजमेंट' और 'क्राउड कंट्रोल' प्लान तैयार करें, ताकि पर्यटकों की खुशी परेशानी में न बदले।