Sambhajinagar ZP Achievement: स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा धमाका! यूनिक हेल्थ ID बनाने में संभाजीनगर ZP बना महाराष्ट्र का 'नंबर 1'

छत्रपति संभाजीनगर जिला परिषद (ZP) ने यूनिक हेल्थ आईडी (ABHA ID) बनाने में पूरे महाराष्ट्र में शीर्ष स्थान हासिल किया है। जानें कैसे डिजिटल स्वास्थ्य सेवा में यह जिला बना मिसाल और आम जनता को इससे क्या फायदे होंगे।

Dec 17, 2025 - 21:11
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Sambhajinagar ZP Achievement: स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा धमाका! यूनिक हेल्थ ID बनाने में संभाजीनगर ZP बना महाराष्ट्र का 'नंबर 1'
महाराष्ट्र में बजा संभाजीनगर का डंका: यूनिक हेल्थ आईडी (Unique IDs) बनाने में जिला परिषद ने पाया पहला स्थान

छत्रपति संभाजीनगर: मराठवाड़ा की राजधानी कहे जाने वाले छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) के नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को डिजिटल और सुदृढ़ बनाने की दिशा में जिला परिषद (ZP) ने एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है।

ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नागरिकों की 'यूनिक हेल्थ आईडी' (Unique Health IDs) या 'आभा कार्ड' (ABHA Card) बनाने के मामले में संभाजीनगर जिला परिषद ने पूरे महाराष्ट्र राज्य में प्रथम स्थान (Top Position) हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासन की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि जिले के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल साक्षरता और स्वास्थ्य जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।

क्या है यह उपलब्धि? (The Achievement)

राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रैंकिंग में छत्रपति संभाजीनगर जिला परिषद ने मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे बड़े जिलों को पछाड़ते हुए यह मुकाम हासिल किया है।

  • रफ़्तार और रिकॉर्ड: पिछले कुछ महीनों में जिला परिषद ने एक विशेष अभियान (Special Drive) चलाया था। इसका उद्देश्य हर ग्रामीण नागरिक का अपना एक डिजिटल हेल्थ अकाउंट सुनिश्चित करना था।

  • टीम वर्क: इस सफलता का श्रेय जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) और सबसे महत्वपूर्ण—जमीनी स्तर पर काम करने वाली आशा वर्कर्स (ASHA Workers) और एएनएम (ANM) को जाता है, जिन्होंने घर-घर जाकर लोगों का रजिस्ट्रेशन किया।

आखिर क्या है 'यूनिक हेल्थ आईडी'? (What is Unique Health ID?)

कई पाठकों के मन में सवाल होगा कि आखिर यह आईडी इतनी महत्वपूर्ण क्यों है? केंद्र सरकार के 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' (ABDM) के तहत यह यूनिक आईडी बनाई जा रही है।

  1. डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड: यह एक 14 अंकों का नंबर होता है। जैसे आधार कार्ड आपकी पहचान है, वैसे ही यह आईडी आपकी 'स्वास्थ्य कुंडली' है।

  2. कागजों से मुक्ति: अब मरीजों को डॉक्टर के पास जाते समय पुरानी पर्चियाँ, एक्स-रे रिपोर्ट और टेस्ट रिपोर्ट की फाइल उठाकर ले जाने की जरूरत नहीं होगी। सब कुछ इस आईडी में डिजिटल रूप से सेव रहेगा।

  3. बेहतर इलाज: डॉक्टर आपकी आईडी स्कैन करते ही आपकी पुरानी बीमारियों (Medical History) और दवाइयों की जानकारी देख सकेंगे, जिससे इलाज सटीक और जल्दी होगा।

संभाजीनगर ZP ने कैसे किया यह कमाल?

नंबर 1 बनने का सफर आसान नहीं था। प्रशासन ने इसके लिए एक रणनीतिक योजना (Strategic Plan) तैयार की थी:

  • विशेष शिविर (Special Camps): जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) और उप-केंद्रों पर आईडी बनाने के लिए विशेष कैंप लगाए गए।

  • जागरूकता अभियान: ग्रामीणों के मन में डिजिटल आईडी को लेकर कई सवाल थे। प्रशासन ने गांव-गांव में मुनादी करवाई और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को समझाया कि इससे उन्हें मुफ्त इलाज और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में आसानी होगी।

  • टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल: इंटरनेट की समस्याओं के बावजूद, स्वास्थ्य कर्मियों ने टैबलेट और मोबाइल ऐप के जरिए डेटा एंट्री का काम दिन-रात जारी रखा।

आम जनता को सीधा फायदा

इस उपलब्धि का सबसे बड़ा फायदा जिले के गरीब और ग्रामीण मरीजों को मिलेगा।

  • अक्सर ग्रामीण मरीज जब शहर के बड़े सरकारी अस्पताल (जैसे घाटी अस्पताल) में आते हैं, तो उनके पुराने कागज खो चुके होते हैं।

  • यूनिक आईडी होने से अब डॉक्टर उनका पिछला रिकॉर्ड ऑनलाइन देख पाएंगे।

  • इससे समय की बचत होगी और सही इलाज मिल सकेगा। साथ ही, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का क्लेम लेना भी आसान हो जाएगा।

भविष्य की राह

जिला परिषद के अधिकारियों का कहना है कि वे यहीं रुकने वाले नहीं हैं। उनका अगला लक्ष्य 100% कवरेज हासिल करना है, यानी जिले के हर एक नागरिक, चाहे वह नवजात शिशु हो या बुजुर्ग, सबके पास अपनी हेल्थ आईडी होनी चाहिए।

यह उपलब्धि साबित करती है कि अगर प्रशासनिक इच्छाशक्ति (Political Will) और कर्मचारियों का समर्पण (Dedication) हो, तो सरकारी तंत्र भी कॉरपोरेट स्तर की दक्षता दिखा सकता है। छत्रपति संभाजीनगर का यह मॉडल अब पूरे महाराष्ट्र के लिए एक नजीर बन गया है।