Super Bowl Ad 2026: एपस्टीन के पीड़ितों की दहाड़- "हमारे साथ खड़े हो"; छुपी हुई फाइलों को उजागर करने की मांग ने हिलाया अमेरिका
सुपर बाउल 2026 के दौरान जेफ्री एपस्टीन के पीड़ितों ने एक भावुक विज्ञापन "Stand With Us" जारी किया है। इसमें एफबीआई और सरकार से एपस्टीन की सभी गुप्त फाइलों और 'क्लाइंट लिस्ट' को तुरंत सार्वजनिक करने की मांग की गई है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
लास वेगास / न्यूयॉर्क: अमेरिका में रविवार (8 फरवरी 2026) की रात सुपर बाउल (Super Bowl) का खुमार छाया हुआ था। करोड़ों लोग टीवी स्क्रीन पर फुटबॉल मैच और मनोरंजन का आनंद ले रहे थे। लेकिन इस चमक-धमक के बीच, एक 60 सेकंड के विज्ञापन ने पूरे देश को सन्न कर दिया।
बदनाम फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) के सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट की शिकार रहीं महिलाओं (Survivors) ने एक बेहद शक्तिशाली विज्ञापन जारी किया, जिसका शीर्षक है "Stand With Us" (हमारे साथ खड़े हों)। इस विज्ञापन के जरिए उन्होंने मांग की है कि एपस्टीन कांड से जुड़ी हर एक छुपी हुई फाइल और 'क्लाइंट लिस्ट' को तुरंत सार्वजनिक किया जाए।
विज्ञापन में क्या है? (एक खामोश तूफान)
आम तौर पर सुपर बाउल के विज्ञापन हंसी-मजाक या बड़े ब्रांड्स के होते हैं, लेकिन यह विज्ञापन एकदम अलग था।
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दृश्य: इसमें संगीत का कोई शोर नहीं था। स्क्रीन पर सिर्फ उन पीड़ित महिलाओं के चेहरे थे जिन्होंने सालों तक दर्द सहा है। वे सीधे कैमरे में देख रही थीं।
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संदेश: बैकग्राउंड में एक आवाज (Voiceover) आती है: "उन्होंने देखा। वे जानते थे। फिर भी वे चुप रहे। फाइलें आज भी छुपी हुई हैं। नाम आज भी सुरक्षित हैं। हमारे साथ खड़े हों। सच की मांग करें।"
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मकसद: विज्ञापन के अंत में दर्शकों से एक ऑनलाइन याचिका (Petition) साइन करने की अपील की गई है, ताकि अमेरिकी सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
अब क्यों उठी मांग?
एपस्टीन की मौत को कई साल बीत चुके हैं और उसकी साथी घिसलेन मैक्सवेल (Ghislaine Maxwell) जेल में है, लेकिन पीड़ितों का मानना है कि असली गुनहगार अभी भी आजाद हैं।
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अधूरी लिस्ट: 2024 और 2025 में कोर्ट ने कुछ दस्तावेज सार्वजनिक किए थे, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि एफबीआई (FBI) के पास अब भी हजारों पेज की ऐसी फाइलें हैं जिनमें बड़े राजनेताओं, अरबपतियों और विदेशी मेहमानों के नाम हैं।
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दबाव: 2026 के अमेरिकी चुनावों से पहले, पीड़ित महिलाएं चाहती हैं कि यह मुद्दा ठंडा न पड़े। सुपर बाउल जैसा बड़ा मंच चुनना उनकी इसी रणनीति का हिस्सा है।
सोशल मीडिया पर भूचाल
जैसे ही यह विज्ञापन प्रसारित हुआ, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर #ReleaseTheFiles (फाइलें रिलीज करो) ट्रेंड करने लगा।
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अमेरिकी जनता सवाल पूछ रही है कि आखिर सरकार किसे बचा रही है?
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एक यूजर ने लिखा: "हम फुटबॉल का जश्न मना रहे हैं, जबकि हमारे देश के एलीट लोग बच्चों के शोषण के सबूतों को दबा रहे हैं। यह शर्मनाक है।"
न्याय की लड़ाई जारी
विज्ञापन में शामिल एक सर्वाइवर ने अपने बयान में कहा: "हम सिर्फ पीड़ित नहीं हैं, हम वो सबूत हैं जिसे उन्होंने मिटाने की कोशिश की। जब तक हर एक नाम सामने नहीं आता, हम चुप नहीं बैठेंगे।"
निष्कर्ष: एपस्टीन के पीड़ितों ने सुपर बाउल की चकाचौंध का इस्तेमाल एक 'काले सच' को सामने लाने के लिए किया है। "Stand With Us" अभियान ने एक बार फिर दुनिया को याद दिलाया है कि न्याय अधूरा है। अब देखना यह है कि क्या अमेरिकी सरकार इस दबाव के आगे झुकती है और 'पेंडोरा बॉक्स' को पूरा खोलती है या नहीं।