MSEDCL Action: मराठवाड़ा में 'बिजली चोरों' पर सर्जिकल स्ट्राइक! 14.5 करोड़ की चोरी पकड़ी, 1700 मीटरों में मिली गड़बड़ी
महावितरण (MSEDCL) ने मराठवाड़ा में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 9 महीने के अभियान में 14.5 करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गई और 55 लोगों पर केस दर्ज हुआ। जानें कैसे हो रही थी यह चोरी।
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद): बिजली चोरी कर सरकार को चूना लगाने वालों के खिलाफ महावितरण (MSEDCL) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मराठवाड़ा क्षेत्र में चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत अधिकारियों ने 14.5 करोड़ रुपये की बिजली चोरी और अनियमितताओं का खुलासा किया है।
सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, यह कार्रवाई पिछले 9 महीनों (अप्रैल से दिसंबर 2025) के दौरान की गई, जिसमें हजारों संदिग्ध कनेक्शनों की जांच की गई।
आंकड़ों में देखें कार्रवाई (The Big Crackdown)
महावितरण के छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्रीय कार्यालय ने बताया कि बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष उड़न दस्तों (Flying Squads) को तैनात किया गया था।
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कुल जांच: अभियान के दौरान कुल 3,799 मीटरों की जांच की गई।
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गड़बड़ी मिली: इनमें से 1,727 मीटरों में बिजली चोरी या अन्य अनियमितताएं पाई गईं।
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कितनी बिजली चोरी हुई: अधिकारियों के अनुसार, लगभग 1.60 करोड़ यूनिट बिजली अवैध रूप से इस्तेमाल की गई थी।
वसूली और पुलिस केस
महावितरण ने न केवल चोरी पकड़ी, बल्कि भारी जुर्माना भी वसूला है।
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जुर्माना: बिजली चोरों पर कुल 14.5 करोड़ रुपये का बिल और जुर्माना लगाया गया।
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वसूली: इसमें से अब तक 8.8 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।
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FIR दर्ज: जिन उपभोक्ताओं ने जुर्माना भरने से इनकार किया, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है। ऐसे 55 लोगों के खिलाफ पुलिस में मामला (FIR) दर्ज कराया गया है।
कैसे हो रही थी चोरी?
जांच में सामने आया कि लोग बिजली चुराने के लिए जानलेवा तरीके अपना रहे थे:
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आंकड़े (Hooks) डालना: ग्रामीण इलाकों में तारों पर सीधे लोहे के हुक डालकर बिजली चोरी की जा रही थी।
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मीटर से छेड़छाड़: शहरी इलाकों में मीटर की सील तोड़कर या उसके सर्किट के साथ छेड़छाड़ कर रीडिंग को धीमा किया जा रहा था।
अधिकारियों की चेतावनी
महावितरण (मराठवाड़ा) के संयुक्त प्रबंध निदेशक आदित्य जीवने (Aditya Jivane) ने कहा, "बिजली चोरी के खिलाफ हमारा अभियान पिछले 9 महीनों से लगातार चल रहा है। इसने बिजली चोरों के बीच कड़ा संदेश दिया है। उपभोक्ता केवल अधिकृत कनेक्शन का ही इस्तेमाल करें।"
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि विद्युत अधिनियम 2003 (Electricity Act 2003) की धारा 126 और 135 के तहत बिजली चोरी एक गंभीर अपराध है, जिसमें भारी जुर्माने के साथ-साथ 3 साल तक की जेल भी हो सकती है। महावितरण ने साफ किया है कि भविष्य में भी यह 'सर्जिकल स्ट्राइक' जारी रहेगी।