Air India Scare: हवा में बंद हुआ इंजन! बोइंग 777 की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग, बाल-बाल बचे यात्री
दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की फ्लाइट (Boeing 777) की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक इंजन में आई खराबी। पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा। जानें क्या है पूरा मामला और DGCA के नियम।
नई दिल्ली: हवा में हजारों फीट की ऊंचाई पर अगर जहाज का एक इंजन काम करना बंद कर दे, तो सोचिए यात्रियों पर क्या गुजरती होगी? सोमवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर कुछ ऐसा ही तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। एयर इंडिया (Air India) का एक विशालकाय बोइंग 777 (Boeing 777) विमान, जो अपनी लंबी दूरी की यात्रा पर निकला था, तकनीकी खराबी के चलते वापस दिल्ली लौट आया।
खबरों के मुताबिक, उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान के एक इंजन में तकनीकी खराबी (Technical Snag) आ गई थी, जिसके बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए एक इंजन को हवा में ही बंद (Engine Shutdown) करने का फैसला किया और विमान को सुरक्षित वापस लैंड कराया।
क्या है पूरा मामला? (The Full Incident)
एयर इंडिया की यह फ्लाइट (संभवतः अमेरिका या किसी लंबी दूरी के गंतव्य के लिए, जैसा कि बोइंग 777 आमतौर पर लंबी दूरी के लिए इस्तेमाल होता है) दिल्ली से उड़ान भर चुकी थी। विमान में सैकड़ों यात्री सवार थे।
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टेक-ऑफ के बाद समस्या: उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद कॉकपिट क्रू (Pilots) को एक इंजन में गड़बड़ी के संकेत मिले।
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इंजन शटडाउन का फैसला: सुरक्षा प्रोटोकॉल (SOP) का पालन करते हुए, पायलटों ने तुरंत खराब इंजन को बंद (Shut down) कर दिया।
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वापसी का निर्णय: चूंकि विमान बोइंग 777 एक लंबी दूरी का विमान है और भारी ईंधन (Fuel) के साथ उड़ान भरता है, इसलिए रिस्क न लेते हुए एटीसी (ATC) से संपर्क किया गया और वापस दिल्ली लौटने की अनुमति मांगी गई।
दिल्ली एयरपोर्ट पर 'फुल इमरजेंसी'
जैसे ही एटीसी को इंजन फेलियर की सूचना मिली, दिल्ली एयरपोर्ट पर 'फुल इमरजेंसी' (Full Emergency) घोषित कर दी गई।
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रनवे के पास फायर ब्रिगेड की गाड़ियां (Fire Tenders) और एंबुलेंस तैनात कर दी गईं।
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यह एक मानक प्रक्रिया (Standard Procedure) है ताकि लैंडिंग के दौरान अगर टायरों में आग लगे या कोई और दुर्घटना हो, तो तुरंत काबू पाया जा सके।
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गनीमत रही कि विमान ने एक इंजन के सहारे ही बेहद सुरक्षित और सहज (Safe Landing) लैंडिंग की। किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को कोई चोट नहीं आई।
क्या एक इंजन पर उड़ सकता है विमान?
आम लोगों के मन में यह सवाल अक्सर उठता है कि क्या एक इंजन बंद होने पर विमान गिर सकता है? विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, बोइंग 777 दुनिया के सबसे सुरक्षित और शक्तिशाली विमानों में से एक है। इसे 'Twin-Engine Jet' कहा जाता है।
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ETOPS नियम: आधुनिक विमान ETOPS (Extended-range Twin-engine Operational Performance Standards) के तहत बनाए जाते हैं। इसका मतलब है कि अगर एक इंजन पूरी तरह खराब भी हो जाए, तो भी यह विमान दूसरे इंजन के सहारे कई घंटों तक उड़ान भर सकता है और सुरक्षित लैंड कर सकता है।
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एयर इंडिया के पायलटों ने इसी क्षमता का इस्तेमाल किया और बिना किसी पैनिक के विमान को रनवे पर उतार लिया।
यात्रियों का हाल और एयर इंडिया का बयान
लैंडिंग के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, अचानक वापस लौटने और इमरजेंसी लैंडिंग की घोषणा से केबिन में कुछ देर के लिए डर का माहौल जरूर बन गया था।
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा:
"हमारी एक फ्लाइट को तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली वापस लौटना पड़ा। विमान की सुरक्षित लैंडिंग हो गई है। यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है ताकि उन्हें उनके गंतव्य तक पहुँचाया जा सके।"
एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों को होटल में ठहराने या दूसरी फ्लाइट में शिफ्ट करने का इंतजाम तुरंत शुरू कर दिया गया था।
DGCA करेगा जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को सूचित कर दिया गया है।
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डीजीसीए के अधिकारी अब यह जांच करेंगे कि इंजन में खराबी क्यों आई?
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क्या यह मेंटेनेंस की कमी थी या कोई बाहरी कारण (जैसे बर्ड हिट)?
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विमान को तब तक उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कि इंजीनियरिंग टीम इसे पूरी तरह ठीक नहीं कर देती।
हाल के दिनों में बढ़ीं घटनाएं
पिछले कुछ महीनों में भारतीय विमानन क्षेत्र में तकनीकी खराबियों की खबरें बढ़ी हैं। कभी स्पाइसजेट, तो कभी इंडिगो और अब एयर इंडिया। हालांकि, यह भी सच है कि भारतीय पायलटों की ट्रेनिंग बेहतरीन है, जिसके कारण इन घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में विमानों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में एयरलाइंस को मेंटेनेंस और सेफ्टी चेक पर और अधिक सख्ती बरतने की जरूरत है।
निष्कर्ष
एयर इंडिया की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हवाई सफर में मशीनरी फेल हो सकती है, लेकिन अगर पायलट प्रशिक्षित हों और नियमों का पालन करें, तो बड़े से बड़े हादसे को टाला जा सकता है। 200 से अधिक परिवारों के लिए आज का दिन राहत भरा रहा क्योंकि उनके अपने सुरक्षित घर (या एयरपोर्ट लाउंज) लौट आए।