Kannad Copy Case: 19 शिक्षकों के निलंबन का प्रस्ताव, 24 पर FIR; फिजिक्स पेपर में हुई थी 'सामूहिक नकल'
कन्नड़ (छत्रपति संभाजीनगर) में 12वीं की परीक्षा में सामूहिक नकल मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। फिजिक्स पेपर में नकल कराने के आरोप में 19 कर्मचारियों को सस्पेंड करने का प्रस्ताव भेजा गया है और 24 लोगों पर पुलिस केस दर्ज किया गया है। जानें पूरा मामला।
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद): महाराष्ट्र में चल रही 12वीं (HSC) की परीक्षाओं में 'कॉपी-मुक्त अभियान' को चुनौती देने वालों पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिले के कन्नड़ (Kannad) तहसील में फिजिक्स के पेपर के दौरान हुई सामूहिक नकल (Mass Copying) के मामले में शिक्षा विभाग और पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है।
प्रशासन ने परीक्षा केंद्र पर तैनात 19 कर्मचारियों के निलंबन (Suspension) का प्रस्ताव भेजा है, जबकि 24 लोगों के खिलाफ पुलिस में मामला (FIR) दर्ज किया गया है।
क्या हुआ था फिजिक्स के पेपर में?
घटना कन्नड़ के एक परीक्षा केंद्र की है। फिजिक्स (भौतिकी) के कठिन पेपर के दौरान केंद्र पर अफरातफरी का माहौल था।
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नकल का मेला: उड़न दस्तों (Flying Squads) ने पाया कि केंद्र के बाहर लोगों की भीड़ जमा थी और खिड़कियों से पर्चियां (Chits) अंदर फेंकी जा रही थीं।
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स्टाफ की मिलीभगत: जांच में सामने आया कि परीक्षा केंद्र पर तैनात शिक्षक और कर्मचारी इस गड़बड़ी को रोकने के बजाय मूकदर्शक बने हुए थे, और कुछ मामलों में नकल में मदद भी कर रहे थे।
19 कर्मचारियों पर गिरेगी गाज
विभागीय बोर्ड ने उड़न दस्ते की रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है।
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निलंबन प्रस्ताव: शिक्षा विभाग ने शिक्षण उपसंचालक (Deputy Director of Education) को एक प्रस्ताव सौंपकर मांग की है कि ड्यूटी पर तैनात 19 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
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कौन हैं ये लोग? इनमें केंद्र संचालक (Centre Head), पर्यवेक्षक (Invigilators) और लिपिक वर्गीय कर्मचारी शामिल हैं। उन पर "कर्तव्य में घोर लापरवाही" का आरोप लगाया गया है।
24 लोगों पर पुलिस केस (FIR)
सिर्फ विभागीय कार्रवाई ही नहीं, बल्कि कानूनी डंडा भी चला है।
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कन्नड़ पुलिस स्टेशन: पुलिस ने महाराष्ट्र मालप्रैक्टिस एक्ट, 1982 के तहत 24 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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इनमें परीक्षा केंद्र का स्टाफ और बाहर से नकल कराने वाले लोग शामिल हैं। यह कानून गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
बोर्ड का कड़ा संदेश
छत्रपति संभाजीनगर विभागीय बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एक अधिकारी ने कहा, "हमने पहले ही चेतावनी दी थी। अगर शिक्षक ही नकल कराएंगे, तो छात्रों का भविष्य क्या होगा? कन्नड़ की यह कार्रवाई पूरे जिले के लिए एक सबक है।"
निष्कर्ष
इस कार्रवाई से जिले के अन्य परीक्षा केंद्रों पर हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने यह साबित कर दिया है कि 'कॉपी-मुक्त अभियान' को वह कितनी गंभीरता से ले रहा है। अब देखना यह है कि क्या इस सख्त कार्रवाई के बाद बाकी बचे पेपर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से हो पाएंगे।