Sambhajinagar Polls: महायुति में 'ऑल इज वेल' नहीं? बीजेपी-शिवसेना में डील पक्की, लेकिन अजित पवार की NCP ने बागी तेवर दिखाकर जारी की लिस्ट

छत्रपति संभाजीनगर मनपा चुनाव (CSMC 2026) से पहले महायुति में फूट के संकेत। बीजेपी और शिंदे गुट में सीट शेयरिंग लगभग तय, लेकिन नाराज एनसीपी (अजित पवार गुट) ने अकेले लड़ने का ऐलान कर जारी की 18 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट। पढ़ें पूरा समीकरण।

Dec 30, 2025 - 20:35
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Sambhajinagar Polls: महायुति में 'ऑल इज वेल' नहीं? बीजेपी-शिवसेना में डील पक्की, लेकिन अजित पवार की NCP ने बागी तेवर दिखाकर जारी की लिस्ट
संभाजीनगर मनपा चुनाव: बीजेपी-शिवसेना में 'डील' फाइनल, लेकिन NCP ने फंसाया पेंच; महायुति में मची खलबली

छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद): महाराष्ट्र के राजनीतिक केंद्र माने जाने वाले छत्रपति संभाजीनगर में आगामी महानगरपालिका चुनाव (CSMC Polls) की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 15 जनवरी 2026 को होने वाले इन चुनावों के लिए नामांकन का दौर जारी है, लेकिन सत्ताधारी गठबंधन 'महायुति' (Mahayuti) के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

ताजा खबरों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के बीच सीट बंटवारे (Seat Sharing) पर सहमति लगभग बन चुकी है, लेकिन गठबंधन के तीसरे साथी—एनसीपी (अजित पवार गुट)—ने बगावती तेवर अपना लिए हैं। खुद को साइडलाइन किए जाने से नाराज स्थानीय एनसीपी इकाई ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला करते हुए अपनी पहली लिस्ट भी जारी कर दी है।

बीजेपी-शिवसेना: "बस 8-10 सीटों पर पेंच"

पिछले कई दिनों से बीजेपी और शिंदे गुट के बीच बैठकों का दौर जारी था। अब खबर है कि दोनों दलों के बीच 'डील' फाइनल स्टेज में है।

  • संजय शिरसाट का दावा: शिवसेना नेता और मंत्री संजय शिरसाट ने पुष्टि की है कि दोनों पार्टियों के बीच अधिकांश सीटों पर सहमति बन गई है। उन्होंने कहा, "सिर्फ 8 से 10 सीटों पर मतभेद हैं, जिन्हें जल्द सुलझा लिया जाएगा। बाकी सीटों पर हम एक साथ हैं।"

  • देरी की वजह: सूत्रों के मुताबिक, दोनों पार्टियों में टिकट पाने वाले इच्छुक उम्मीदवारों (Aspirants) की संख्या बहुत ज्यादा है। बगावत के डर से पार्टी नेतृत्व जानबूझकर अंतिम समय तक लिस्ट की घोषणा रोके हुए है। बीजेपी के पास अकेले 1,000 से ज्यादा दावेदार हैं।

NCP (अजित पवार) का 'एकला चलो' का नारा

महायुति के लिए असली झटका एनसीपी की तरफ से आया है। छत्रपति संभाजीनगर में एनसीपी (अजित पवार गुट) का प्रभाव बीजेपी और शिवसेना की तुलना में थोड़ा कम है, जिसके चलते गठबंधन वार्ता में उन्हें कथित तौर पर नजरअंदाज किया गया।

  • नाराजगी: एनसीपी की स्थानीय इकाई का आरोप है कि उन्हें गठबंधन की बैठकों में बुलाया ही नहीं गया। इस 'अपमान' का जवाब देने के लिए उन्होंने अकेले दम पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।

  • पहली लिस्ट जारी: अपनी धमकी को हकीकत में बदलते हुए, एनसीपी ने रविवार को 18 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी।

  • प्लान 100: पार्टी के स्थानीय नेताओं ने घोषणा की है कि वे शहर की कम से कम 100 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे। यह कदम बीजेपी और शिवसेना के वोट बैंक में सेंध लगा सकता है।

विपक्ष (MVA) भी तैयार

दूसरी तरफ, विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (MVA) भी अपनी रणनीति बनाने में जुटा है।

  • उद्धव गुट (Shiv Sena UBT): उद्धव ठाकरे की शिवसेना अपनी तैयारियों में जोर-शोर से लगी है और मशाल रैलियां निकाल रही है।

  • कांग्रेस: कांग्रेस जिला अध्यक्ष किरण पाटिल ने कहा कि एमवीए के सभी घटक दलों के बीच बातचीत जारी है और जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

  • AIMIM: शहर की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाली एआईएमआईएम (AIMIM) ने भी अपनी तीसरी लिस्ट जारी कर दी है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

आगे क्या?

नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख (30 दिसंबर) बेहद करीब है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या राज्य स्तर के नेता (देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार) हस्तक्षेप करके इस फूट को रोक पाते हैं, या फिर छत्रपति संभाजीनगर में महायुति के घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ ही ताल ठोकेंगे।

फिलहाल, एनसीपी का अलग होना बीजेपी और शिवसेना के लिए सिरदर्द बन सकता है, क्योंकि मतों का बिखराव (Vote Division) सीधे तौर पर विपक्ष को फायदा पहुंचाएगा।