Drunk Driver Accident: देर रात सड़क पर कोहराम, शराबी ड्राइवर ने ऑटो को रौंदा, 22 वर्षीय युवक और मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत
एक तेज रफ्तार कार ने ऑटो रिक्शा को जोरदार टक्कर मारी। हादसे में 25 वर्षीय युवक और एक मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत। नशे में धुत था कार ड्राइवर। पढ़ें दिल दहला देने वाली घटना की पूरी रिपोर्ट।
औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर): शहर के मोंढा नाका फ्लाईओवर (Mondha Naka Flyover) पर 21 दिसंबर की देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा पेश आया है। रफ़्तार के नशे में चूर एक कार चालक ने ऑटो रिक्शा को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि रिक्शा के परखच्चे उड़ गए। इस भीषण दुर्घटना में एक 22 वर्षीय युवक और एक 6 साल की मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक गर्भवती महिला समेत अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पीड़ित परिवार ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कार चालक को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा 21 दिसंबर की रात करीब 1:00 बजे हुआ। एक ऑटो रिक्शा (क्रमांक MH20 4557-EK) आकाशवाणी से क्रांति चौक की ओर जा रहा था। रिक्शा में चालक समेत कुल 6 लोग सवार थे। जैसे ही ऑटो रिक्शा मोंढा नाका फ्लाईओवर के ऊपर पहुंचा, पीछे से आ रही एक तेज रफ़्तार कार (क्रमांक MH20-G00221) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रिक्शा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया। इस टक्कर के परिणामस्वरूप रिक्शा में सवार 22 वर्षीय अख्तर रजा उछलकर फ्लाईओवर से सीधा नीचे सिंधी कॉलोनी की तरफ जा गिरे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, रिक्शा के अंदर बैठी 6 वर्षीय मासूम जहरा ने भी दम तोड़ दिया।
गर्भवती महिला का गर्भपात, परिवार उजड़ा
यह हादसा केवल दो मौतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने एक हंसते-खेलते परिवार को जीवन भर का गम दे दिया। रिक्शा में सवार एक गर्भवती महिला भी इस हादसे का शिकार हुई। टक्कर के कारण उसे इतना गहरा आघात लगा कि उसका गर्भपात (Miscarriage) हो गया। इसके अलावा, 45 वर्षीय अब्दुल बारी (निवासी आरिफ कॉलोनी) और अन्य तीन यात्री बुरी तरह घायल हुए हैं। स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया और घायलों को घाटी अस्पताल (GHATI Hospital) में भर्ती कराया।
जानकारी के मुताबिक, मृतक अख्तर रजा और नन्ही जहरा दोनों जूना बाजार के निवासी थे। एक ही परिवार के दो चिराग बुझ जाने से जूना बाजार इलाके में मातम पसरा हुआ है।
विवाद: कौन चला रहा था कार? (Kashyap Patel vs Viral Video)
इस हादसे ने अब एक विवाद का रूप ले लिया है। दुर्घटना के बाद जवाहर नगर पुलिस स्टेशन में अब्दुल आबिद अब्दुल मुजीब (निवासी एमजीएम कॉलेज के सामने) की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का पक्ष: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कार चालक का नाम कश्यप पटेल बताया गया है। घटना के बाद कश्यप पटेल ने खुद जवाहर नगर पुलिस स्टेशन में सरेंडर किया। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का गंभीर आरोप: दूसरी ओर, मृतकों के परिजनों ने पुलिस की कहानी और आरोपी के दावे को खारिज किया है। परिजनों का आरोप है कि:
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कार कश्यप पटेल नहीं, बल्कि एक लड़की चला रही थी।
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कार में कुल 4 लोग सवार थे, जिनमें 3 लड़कियां और 1 लड़का शामिल था।
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आरोप है कि कार में सवार लड़कियां शराब के नशे में धुत थीं।
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हादसे के तुरंत बाद का एक वीडियो किसी राहगीर ने बनाया था, जिसमें कथित तौर पर लड़कियां दिख रही हैं। परिजनों का दावा है कि वीडियो को बारीकी से देखने पर पता चलता है कि ड्राइविंग सीट पर लड़की ही थी।
पीड़ित परिवार ने पुलिस से मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच (Fair Investigation) की जाए और वायरल वीडियो को सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जाए। उनका कहना है कि असली आरोपी को बचाने की कोशिश की जा रही है।
घटनास्थल का मंजर
हादसे के बाद मोंढा नाका फ्लाईओवर पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। टक्कर मारने के बाद कार अनियंत्रित होकर पलट गई और विपरीत दिशा में घूम गई। कार का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। हादसे की वजह से फ्लाईओवर पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खुलवाया।
पुलिस की कार्रवाई
जवाहर नगर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि वे मामले की तह तक जाने के लिए सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रहे हैं। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों (लड़की द्वारा कार चलाना और नशा करना) की भी जांच की जाएगी।
निष्कर्ष
औरंगाबाद का यह हादसा एक बार फिर "ड्रिंक एंड ड्राइव" और रफ़्तार के जुनून के खतरों को उजागर करता है। एक तरफ जहां पुलिस ने आरोपी कश्यप पटेल को नामजद किया है, वहीं दूसरी तरफ वायरल वीडियो और परिजनों के दावों ने मामले को पेचीदा बना दिया है। अब यह पुलिस की जांच पर निर्भर करता है कि क्या वह इस दिल दहला देने वाले हादसे में पीड़ितों को न्याय दिला पाती है या नहीं। जूना बाजार के शोकाकुल परिवार को अब सिर्फ इंसाफ का इंतजार है।